Friday, June 24, 2022

IHRSJC के मुम्बई अध्यक्ष , वरिष्ठ समाजसेवक तथा वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर डॉ . प्रकाश गिडवानी ने दिया मानवता का परिचय .

IHRSJC के मुम्बई अध्यक्ष , वरिष्ठ समाजसेवक तथा वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर डॉ . प्रकाश गिडवानी ने दिया मानवता का परिचय.

IHRSJC के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष बजाज की संकल्पना एवं सुप्रसिद्ध " सद्भावना भेंट " अभियान के अंतर्गत जरूरतमंद दिव्यांगजनो को भेंट किये व्हील चेयर एवं वॉकर
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 मुम्बई- वर्सोवा : अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग IHRSJC के मुम्बई अध्यक्ष तथा वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर एवं 3 दशक से समाज मे निस्वार्थ अपनी सेवा प्रदान करने वाले डॉ . प्रकाश गिडवानी को सूत्रों से ऐसी जानकारी प्राप्त हुई कि कुछ गरीब जरूरतमंद अपंग लोग है जिन्हें वॉकर की सख्त जरूरत है और एक गरीब जरूरतमंद महिला पेशंट है जिसके दोनों घुटनों का ऑपरेशन शीघ्र करवाना अति आवश्यक है , डॉ. गिडवानी ने मानवता दिखाते हुए अपने मित्रों से संर्पक कर उस महिला के ऑपरेशन के लिए 100000 ( 1 लाख रुपये ) की निधि इकट्ठा कर उस महिला के ऑपरेशन के लिए उसे " सद्भावना भेंट " स्वरूप दिए तथा ऑपरेशन उपरांत उस महिला को व्हील चेयर भी भेंट कर समाज के लिए मानवता का उदारहण प्रस्तुत किया. डॉ. प्रकाश गिडवानी के इस पुण्य व मानवतावादी कार्य को हर तरफ सराया जा रहा है एवं इससे कई लोग प्रेरणा ले रहे है.



Sunday, June 19, 2022

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग का पच्छिम महाराष्ट्र के गाँव गाँव में महासदस्यता अभियान, मानवाधिकार के सामान्य ज्ञान को हर गाँव तक पहोचाना IHRSJC का एकमात्र उद्देश्य.

 

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग का पच्छिम महाराष्ट्र के गाँव गाँव में महासदस्यता अभियान*
*मानवाधिकार के सामान्य ज्ञान को हर गाँव तक पहोचाना IHRSJC का एकमात्र उद्देश्य

IHRSJC का सातारा जिल्हे के सदशिवगड राजमाची गाँव एवं रेठरे बुद्रुक गाँव मे महिला सशक्तिकरण अभियान एवं बैठक सम्पन्न

सातारा : 18 जून 2022 को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा सेलिब्रिटी मा.डॉ.श्री संतोष बजाज के मार्गदर्शन तथा महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष मा.डॉ.श्री विश्वदीप आपगे, पच्छिम महा.अध्यक्ष मा. श्री अमरदीप आपगे व पच्छिम महा.महिला अध्यक्षा सौ. स्नेहल थोरात के नेतृत्व में सातारा जिल्हे के सदशिवगड राजमाची गाँव एवं रेठरे बुद्रुक गाँव मे IHRSJC का महासदस्यता अभियान के अंतर्गत गाँव की महिलाओं की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया इस बैठक की शुरुवात छत्रपति शिवाजी महाराज जी मूर्ति के चरणों मे वंदन कर व पुष्प माला अर्पण करके किया गया बैठक में उपस्थित गाँव की महिलाओं को मानवाधिकार की व महिलाओं को प्राप्त अधिकारों की सामान्य जानकारी दी गई तथा उनके मौलिक अधिकारों से उन्हें अवगत कराकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग द्वारा देशभर में कार्यरत सुप्रसिद्ध अभियानों एवं कार्य विस्तार की जानकारी दी गई. इसके उपरांत बैठक में उपस्थित सभी महिलाओं का प्रक्षेपण कर उन्हें IHRSJC में सदस्यता देकर मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्य किस प्रकार करना होता है , मानवाधिकार का प्रचार प्रसार किस प्रकार करना है व  मानवाधिकार के अंतर्गत लोगो को उनका न्याय कैसे दिलवाना होता है इसका विशेष प्रशिक्षण नवनिर्वाचित पदाधिकारियो एवं सदस्यो को IHRSJC के वरिष्ठ पदाधिकारियो द्वारा दिया गया तत्पश्चात भविष्य सफल होने वाली नाव उपक्रमो व कार्यक्रमो की परियोजनाए बनाई गई. इन महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन सातारा महिला जिल्हाध्यक्षा सौ.अनिता धर्मे एवं कराड तालुका महिलाध्यक्षा सौ.सुमन भिसे ने किया, बैठक के प्रमुख अतिथि पश्चिम महाराष्ट्र अध्यक्ष मा श्री अमरदीप आपगे एवं सातारा जिल्हा मुंख्य वाद निवारण अधिकारी , मा श्री के.एम पाटील थे बैठक में विशेष अतिथि कराड तालुका महिला उपाध्यक्षा कु.नेत्राली देसाई विधि पदाधिकारी उपस्थित थे  बैठक का लाभ गाँव आदि महिलाओ ने लिया.



Friday, June 17, 2022

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग- IHRSJC ने वृद्धआश्रम में मनाया "विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस".

बुजुर्गो के आशीर्वाद एवं उनकी दुआओं के बिना जीवन में तरक्की संभव नहीं है बड़े बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर हैं, उनका सम्मान करें उनकी सेवा करे: डॉ संतोष बजाज

वाशिम : दी. 15 जून 2022 गुरुवार रोज IHRSJC के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा.डॉ. संतोष बजाज एवं टीम वाशिम जिल्हाध्यक्ष श्री अश्विन विटकरे, अकोला जिल्हा मुंख्य महासचिव श्री प्रशांत पाटिल , अक्षय डखोरे, देवानंद गायकवाड आदि सदस्यगण संग वाशिम जिल्हे के गांव वनोजा स्थित भोलेनाथ वृदाश्रम में विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस वृद्ध - बुजुर्गों के साथ मिलकर उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार व स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याओं को जानकर उनका समाधान करके मनाया. डॉ. संतोष बजाज ने अपने शब्दों में जानकारी देते हुए बताया कि "विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस" प्रति वर्ष 15 जून को मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य दुनिया के बुजुर्गों की भलाई और पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल पर अधिक ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करना है. जैसे सबको सम्मान से जीने का अधिकार है, वैसे ही बुजुर्गों को भी सम्मान से जीवन जीने का अधिकार है. वृद्ध बुजुर्गों की देखभाल करना परिवार और समाज का मुंख्य दायित्व है. डॉ संतोष बजाज ने अपने सम्बोधन में आवाहन करते हुए कहा कि, आइए हम सब एक साथ काम करें और वृद्ध बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए रहने की स्थिति का अनुकूलन करें और उन्हें हमारी दुनिया में सबसे बड़ा संभव योगदान देने में सक्षम बनाएं.

डॉ संतोष बजाज ने अपने संबोदन में बताया कि बढ़ते दुर्व्यवहार को "एक एकल, या दोहराया कार्य, या उचित कार्रवाई की कमी के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जो किसी भी रिश्ते के भीतर होता है जहां विश्वास की उम्मीद होती है जो किसी बड़े व्यक्ति को नुकसान या परेशानी का कारण बनती है"। यह एक वैश्विक सामाजिक मुद्दा है जो दुनिया भर में लाखों वृद्ध व्यक्तियों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों को प्रभावित करता है, और एक ऐसा मुद्दा जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करता है, दुनिया के कई हिस्सों में बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार बहुत कम मान्यता या प्रतिक्रिया के साथ होता है। कुछ समय पहले तक, यह गंभीर सामाजिक समस्या सार्वजनिक दृष्टिकोण से छिपी हुई थी और इसे ज्यादातर एक निजी मामला माना जाता था। आज भी, बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार एक वर्जित बना हुआ है, जिसे दुनिया भर के समाजों द्वारा ज्यादातर कम करके आंका जाता है और अनदेखा किया जाता है। हालांकि, साक्ष्य जमा हो रहे हैं, यह इंगित करने के लिए कि वृद्ध दुर्व्यवहार एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक समस्या है. वृद्ध दुर्व्यवहार एक ऐसी समस्या है जो विकासशील और विकसित दोनों देशों में मौजूद है, फिर भी आमतौर पर विश्व स्तर पर कम रिपोर्ट की जाती है। प्रसार दर या अनुमान केवल चयनित विकसित देशों में मौजूद हैं - 1% से 10% तक। हालांकि बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार की सीमा अज्ञात है, लेकिन इसका सामाजिक और नैतिक महत्व स्पष्ट है। जैसे, यह एक वैश्विक बहुआयामी प्रतिक्रिया की मांग करता है, जो वृद्ध व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा पर केंद्रित है. स्वास्थ्य और सामाजिक दृष्टिकोण से, जब तक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक सेवा क्षेत्र दोनों ही समस्या की पहचान करने और उससे निपटने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित नहीं हैं, तब तक बुजुर्गों के दुर्व्यवहार का निदान और अनदेखी जारी रहेगी।

Thursday, June 16, 2022

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग -- IHRSJC का वाशिम जिल्हे के ता. मंगरुळनाथ में विविध कार्यक्रम सम्पन्न

मानवाधिकार का सामान्य ज्ञान होना हर मानव के जीवन मे अतिआवश्यक है - डॉ. संतोष बजाज



मंगरुळनाथ : दि. 15 जून 2022 रोज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सेलेब्रिटी डॉ.संतोष बजाज के तालुका मंगरुळनाथ दौरे के उपलक्ष्य में विविध कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे सर्वप्रथम तालुका में पहली बार पधारे कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संतोष बजाज संग वरिष्ठ पदाधिकारी वाशिम के जिल्हाध्यक्ष श्री अश्विन विटकरे व अकोला जिल्हे के मुख्य महासचिव श्री प्रशांत पाटिल का शाल,श्रीफल व पुष्पगुच्छ से भव्य स्वागत किया गया कार्यक्रम की शुरुवात तालुका में वृक्षारोपण करके की गई दूसरे सत्र में पदग्रहण समारोह कर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियो को आई डी कार्ड व नियुक्ति पत्र प्रदान कर मानवाधिकार की जिम्मेदारी सौंपी गई जिसमें प्रसिद्ध युवा सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय डाकोरे को तालुका उपाध्यक्ष व देवानंद गायकवाड़ को तालुका सचिव पद पर नियुक्त किया गया.

इसके उपरांत तीसरे सत्र में कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियो व सदस्यो को मानवाधिकार की कार्यशाला एवं प्रशिक्षण दिया गया. चौथे सत्र में सवाल जवाब राउंड तथा जनता दरबार के आयोजन कर लोगो द्वारा प्राप्त समस्याओं का समाधान किया गया उसके उपरांत भोलेनाथ वृदाश्रम में सद्भावना भेंट देकर आश्रम में स्थित वृद्ध बुजुर्गों की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को जानकर उसका समाधान किया गया अंत मे कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन अक्षय डाकोरे ने किया कार्यक्रम में 

आकाश डाखोरे,देवनंद गायकवाड,प्रतीक वानखडे,नितीन झामरे, सुशील मोरे , महेश मांगूळकर, राहुल भडंगे, नितेश हिमगिरे, गोविंद इंदोरा , अविनाश ठाकरे, विशाल दाते, राजेश वानखडे, रुपेश रायते, मंगेश सम्रथ, सुरज रोहनकर, जयेश डाखोरे, शुभम राऊत, रवी ठाकरे आदि पदाधिकारी व सादस्य उपस्थित थे.