अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग IHRSJC के गोवा के प्रदेश प्रभारी शेख अमीन ने एक युवती को नर्क सम्मान जीवन से बाहर निकालकर दिया नया जीवन.
आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा इंटरनेशनल सोशल सेलिब्रिटी मा. डॉ. संतोष बजाज साहेब जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देश के कोने कोने में पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के कार्यों को मिल रही है सफलता.
गोवा : अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग IHRSJC के गोवा प्रदेश प्रभारी शेख अमीन के पास कुछ माह पूर्व गोवा की एक युवती रहवासी एवं उसके परिजनों ने पारिवारिक मसले में हो रही प्रताड़ना से मदद की गुहार लगाते हुए बताया कि उस युवती की शादी एक गैर भारतीय NRI युवक से कराई गई जो कि आयरलैंड का मूल रहवासी है, शादी के बाद युवती को पता चला कि उसके पति को नशे की गहरी लत है और रोज नशा करके उस युवती को प्रताड़ित करता है और उसके साथ उसके ससुराल वाले भी उसको मानसिक प्रताड़ना देते है. शादी के 2 वर्षों तक असहनीय प्रताड़ना की सारी हदो को पार होते देख उस युवती एवं उसके परिवारजनों ने यह तय किया कि उसका अब तलाक करवाने का निर्णय लिया पर मामला पेचीदा होने की वजह से और लड़के वालो की क्रोध एवं आक्रामक मनोदशा होने की वजह से तलाक लेना आसान नहीं था, और फिर उस युवती एवं उसके परिवारजानो द्वारा इस पूरे मामले की शिकायत अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के पास पहुंची जिसके बाद IHRSJC के माध्यम से गोवा प्रदेश प्रभारी शेख अमीन ने आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा.डॉ.संतोष बजाज साहेब जी से इस पूरे मामले में नेतृत्व व मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए सबसे पहले कौटुंभिक न्यायालय में तलाक की याचिका दायर की जिसमें उसके पति एवं ससुरालवालो के कोर्ट की तारीखों पर हाजिर न होने की वजह से मा.कोर्ट ने विवाह को रद्द घोषित करके तलाक की डिक्री जारी कर दी, लेकिन जिस मस्जिद में उनकी शादी हुई उस मस्जिद ने शरिया कानून (मुस्लिम लॉ) के तहत उस युवती को 'खुला' (इस्लामी कानून के अनुसार महिलाओं को तलाक लेने का अधिकार) इस तलाक को मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया जिसके बाद आयोग के माध्यम से कानूनों का हवाला देते हुए और मस्जिद की कमिटी पर दबाव डाला और एक माह का समय दिया की उस युवती का "खुला" मंजूर करे और उसे दूसरा विवाह करने की मंजूरी दे पर समय सीमा के भीतर ही मस्जिद के सेक्रेटरी ने मस्जिद के आधिकारिक पत्र पर उस विवाह को रद्द घोषित करते हुए उस युवती को "खुला" करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि वह युवती अब दूसरा विवाह करके अपना नवजीवन स्थापित कर सकती है. इस मामले में भव्य सफलता प्राप्त होने के बाद उस युवती के पिता ने आयोग के माध्यम से उनकी बेटी को मिले न्याय पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग को एक धन्यवाद पत्र लिखकर दिया जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष मा.डॉ.संतोष बजाज, गोवा प्रदेश प्रभारी शेख अमीन का धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया.




