Saturday, July 22, 2023

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा इंटरनेशनल सोशल सेलेब्रिटी डॉ. संतोष बजाज व अकोला जिला प्रभारी डॉ सतीश उटांगळे ने अनेको गायो व उनके बछड़ो की बचाई जान.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा इंटरनेशनल सोशल सेलेब्रिटी डॉ. संतोष बजाज व अकोला जिला प्रभारी डॉ सतीश उटांगळे ने अनेको गायो व उनके बछड़ो की बचाई जान.


हरिप्रिय गौशाला में बाढ़ के पानी मे डूब रही अनेको गायो व उनके बछड़ो की जान बचाकर समाज मे मानवता एक और उदाहरण पेश किया.


अकोला/महाराष्ट्र : दिनांक 22 जुलाई 2023 रोज महाराष्ट्र के अकोला महानगर में भारी बारिश होने की वजह से की इलाको में बाढ़ आ गई और कई इलाको 3 से 4 फिट तक पानी मे डूब गए इस बीच अकोला शहर के गंगानगर इलाके में स्थित हरिप्रिय गौशाला में 3 से 4 फिट तक पानी भर गया और गौशाला में 25 से 30 गाय व उनके छोटे बछड़े पानी मे डूब रहे थे इस स्थिति खबर मिलते ही अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष बजाज तथा अकोला जिले के प्रभारी व गौशाला के संचालक डॉ सतीश उटांगळे तुरंत गौशाला में पहोचे देखा तो सारी अंदर बने आश्रय में बाढ़ के पानी मे डूब रही थी कइयों का तो सिर्फ सिर ही पानी के ऊपर था, ऐसी गंभीर व विकट स्थिति में नजदीक के पडोसियो की सहायता से बड़ी मशक्कत के बाद सभी गायो व उनके छोटे बछड़ो को सही सलामत बाहर निकला गया और पडोसियो के घरों के आंगन में सुरक्षित स्थान पर उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया इस मानवतावादी पुण्य कार्य में इलाके के कई लोगो ने भी सहायता की. डॉ संतोष बजाज ने लोगो आवाहन करते हुए संदेश दिया है कि भारी वर्षा से बाढ़ ग्रसित इलाको में यदि आपको कोई भी पशु या पक्षी डूबता हुआ दिखाई दे तो मानवता के खातिर उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश करे क्यों इन बेचारे बेजुबान पशु-पक्षियों के हम लोग ही सहारा है.





इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स सोशल जस्टिस कमीशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अंतरराष्ट्रीय सोशल सेलिब्रिटी डॉ.संतोष बजाज ने लिखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पत्र.

 इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स सोशल जस्टिस कमीशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अंतरराष्ट्रीय सोशल सेलिब्रिटी डॉ.संतोष बजाज ने लिखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पत्र.


इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स सोशल जस्टिस कमीशन ने मणिपुर की अमानवीय घटना का लिया संज्ञान.


नई दिल्ली : मणिपुर में दो महिलाओं के साथ घटित हुए अमानवीय कृत्य, क्रूरता,दुष्टता एवं दुष्कर्म के सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर उन्हें कठोर व कड़ी सजा देकर दोनों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलवाने के लिए इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स सोशल जस्टिस कमीशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अंतरराष्ट्रीय सोशल सेलेब्रिटी डॉ. संतोष बजाज ने लिखा देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को निवेदन पत्र. और इस निवेदन पत्र की प्रति देश के माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह और मणिपुर के मुख्यमंत्री मा.श्री एन बिरेन सिंह को भी भेजी गई है पत्र में मणिपुर में घटित दो महिलाओ के साथ जो अमानवीय जघन्य अपराध व मानवता की अंतरात्मा को झकझोर कर देने वाली घटना का संज्ञान लेते हुए लिखा है कि देश मे कुछ दिनों पूर्व देशवासीयो के सामने आए मणिपुर के संकटपूर्ण निंदनीय विडियो को देखने के बाद देश की जनता अत्यंत क्रोधित, चिंतित और व्यथित है, जिसमें दो महिलाओं के साथ हिंसा व दुष्कर्म के जघन्य कृत्य व अपराध को दर्शाया गया है. वीडियो में दिखाई गई दो महिलाओं के साथ क्रूरता और दुष्टता तथा इस तरह देश में हर दिन घटित हो रहे ऐसे ब्लात्कारो के कई जघन्य व भयावह अपराधों ने देशवासीयो को विशेषकर महिलाओं की होश उड़ा दीये है कई महिलाए व कई युवा लडकिया तो इतनी डरी व सहमी हुई है कि वह अपने घर से बाहर निकलने से घबरा रही है. उस वीडियो में पुरुषों की भीड़ दो महिलाओं को घेरकर सरेआम ले जाते हुए दिखाया गया है, जो उनके साथ सबसे अपमानजनक और अमानवीय व्यवहार कर रहे है और उन्हें पूरा नग्न कर के रास्ते पर खुलेआम घुमा रहे है और उनके शरीर के निजी एवं सवेदनशील अंगों के साथ छेड़छाड़ कर रहे है सूत्रों हवाले से प्राप्त जानकारी अनुसार फिर उन दोनों महिलाओ के साथ सामूहिक बलात्कार भी किया गया है. यह जानकर अतिनिराशा होती है की दोषियों के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज होने के बावजूद भी इस घिनौने अमानवीय जघन्य अपराध के दोनों पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलने में विलंब हो रहा है. मुंख्य तथ्य यह भी है कि देश में ऐसी अमानवीय घटना घटित होती है और अपराधी ढाई महीने से भी अधिक समय तक फरार रहते है उनको हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कोई कठोर कार्यवाही नही की जाती. यह देश में ऐसी घटनाओं के प्रति कार्यवाही और न्याय की तत्काल आवश्यकता का गंभीर प्रतिबिंब है. इसके अलावा मणिपुर में जारी हिंसा की निंदा करने और इसे रोकने के लिए कदम उठाने में कई दिनों से केंद्र सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता बेहद चिंता का विषय है. यह केंद्र सरकार का कर्तव्य बनता है कि वह मणिपुर के लोगों को उनकी सबसे खराब व विकट परिस्थितियों के समय उन्हें आश्वासन और सुरक्षा की भावना प्रदान करे. मैं आपसे मणिपुर हिंसा को रोकने और वहा के सभी नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह करता हूं. मैं यह सुनिश्चित करने के लिए मणिपुर के तत्कालीन मामले में आपका हस्तक्षेप करने का भी अनुरोध करता हूं कि स्थानीय अधिकारी इस घृणित अमानवीय कृत्य के सभी दोषियों को पकड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाएं और स्थानिक लोगों और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता और सुरक्षा प्रदान करे और मामले में त्वरित कार्यवाही करने में विफल रहने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही करे. बिना किसी दोषियों की गिरफ्तारी के ढाई महीने से अधिक समय बीत जाना यह अक्षम्य है और इसके लिए तत्काल सुधारात्मक उपायों की आवश्यकता अनिवार्य है. इसके इलावा मैं आपसे विशेष आग्रह करता हूं कि मणिपुर की स्थिति का जायजा लेने के लिए आप तुरंत मणिपुर का दौरा करें और जरूरत की घड़ी में मणिपुरी की महिलाओं के साथ उनका सहारा बनकर खड़े रहें. आदरणीय महोदय आपसे एक सुझाव के साथ अंतिम अनुरोध करता हु की देश मे हर रोज घटित हो रहे ऐसे अमानवीय जघन्य अपराधो के खिलाफ एक ऐसा कठोर कानून बनाया जाए जिसके तहत दोषियों की पहचान व उनक दोष सिद्ध होने बाद 1 माह के भीतर उन्हें जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और दोषीयो की पहचान व उनका दोष जल्दी सिद्ध करने के लिए एक विशेष टीम नियुक्त की जाए जो कि शासन-प्रशासन के साथ साथ सामाजिक संस्थाओं की भी सहायता से एक साथ मिलकर कार्य करे ताकि दोषियों के दोष सिद्ध करने के मामलों में तेजी आए और ऐसे मामलो का निपटारा जल्द से जल्द हो सके. ऐसे अमानवीय मामलों की रोकथाम के लिए अपने देश मे ऐसे अपराधियो के ऊपर जल्द से जल्द कार्यवाही कर उन्हें कठोर और कड़ी सजा देने का प्रावधान बनाना बहोत जरूरी है, अन्यथा जबतक ऐसा कोई सख्त कानून और प्रावधान नही बनेगा तब तक देश में ऐसे मामले हर दिन बढ़ते ही रहेंगे और इसके लिए इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स सोशल जस्टिस कमिशन भारत देश की सम्पूर्ण टीम आपके समर्थन में आपके साथ है

 







Tuesday, July 18, 2023

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग की पाकुड़ जिला अध्यक्षा प्रतिमा पांडे एवं टीम द्वारा जिले में विश्वप्रसिद्ध "देंगे सुविधा मिटाएंगे दुविधा अभियान" एवं "सद्भावना भेंट उपक्रम" सम्पन्न.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग की पाकुड़ जिला अध्यक्षा प्रतिमा पांडे एवं टीम द्वारा जिले में विश्वप्रसिद्ध "देंगे सुविधा मिटाएंगे दुविधा अभियान" एवं "सद्भावना भेंट उपक्रम" सम्पन्न.

राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा इंटरनेशनल सोशल सेलेब्रिटी मा.डॉ संतोष बजाज के मार्गदर्शन में सौ.प्रतिमा अपने सामाजिक सेवा कार्यो के आकर्षण से सैकड़ों महिलाओं में ला रही है जागरूता और मिलकर  जरूरतमंद लोगो तक पहुचा रही है मदद.


पाकुड़/झारखंड : महिलाएं पुरुषों से कम नहीं है, आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी देखी जा सकती है, वहीं सामाजिक कार्यों में भी महिलाओं की भागीदारी हर दिन बढ़ती जा रही है इस बीच अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग की पाकुड़ जिले की अध्यक्षा रजवाड़ी की प्रतिमा पांडेय द्वारा किये जा रहे सामाजिक कार्यों की भूमिका को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है प्रतिमा पांडेय अपनी दैनिक दिनचर्या से समय निकालकर दररोज जरुरतमंद लोगो की सहायता करने लिए सदैव तत्पर रहती है और जिले की स्थानिक अन्य महिलाओं को भी सामाजिक सेवा कार्य करने के लिए प्रेरित करने में कोई कसर नही छोड़ती है और  इसका नतीजा भी पाकुड़ जिले में अब देखा जा रहा है जहा सैकड़ो महिलाएं अपने गृहणी जीवन से समय निकालकर सामाजिक कार्यों में प्रतिमा के साथ आगे आ रही है और अपने घर से निकल कर जरुरतमंद लोगो की सहायता कर रही है. रविवार दिनांक 16 जुलाई 2023 को प्रतिमा पांडेय ने शहर से सटे आदिवासी गांवों में शहरकोल, कुसमाडांगा और पहाड़िया टोला में जरूरतमंद लोगो के बीच  जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा इंटरनेशनल सोशल सेलेब्रिटी मा.डॉ संतोष बजाज द्वारा कार्यरत विश्वप्रसिद्ध "देंगे सुविधा मिटाएंगे दुविधा अभियान" एवं "सद्भावना भेंट उपक्रम" के अंतर्गत नवीन कपड़ों का वितरण किया गया. प्रतिमा पांडेय ने बताया कि आदिवासी समाज के लोग काफी भोले भाले होते हैं और अपनी जरूरतों को जल्दी किसी के पास तक पहुचा नहीं पाते हैं. इस दौरान बच्चों में भी कपड़ो,मिठाई और चॉकलेट का वितरण भी किया गया. उल्लेखनीय बात यह है कि प्रतिमा पांडेय ने हाल ही में पांच आदिवासी अनाथ बच्चों को समाज के मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है और उन पांच बच्चो को उस बुरे समय सहारा दिया जब उनके सभी के माता - पिता के निधन के बाद वह पांचों बच्चें अनाथ बेसहारा हो गए रहे और प्रतिमा पांडेय ने उन पांचों बच्चों का आवासीय सुविधा वाले एवरेस्ट मिशन स्कूल में दाखिला करवाकर समाज मे मानवता एक सही उदाहरण पेश किया है इस उत्कृष्ट मानवतावादी कार्य के लिए हर तरफ प्रतिमा पाण्डे की सराहना की जा रही है. इस पुण्य कार्य मे IHRSJC की सक्रिय सदस्य टीम नीलू , महिमा, ममता, रोजी, रूपा, सोनी और पिंकी आदि ने अपना अमूल्य योगदान दिया.