अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग IHRSJC की बड़ी सफलता सातारा जिल्हे के माण तालुका में विधवा प्रथा बंद करवाने के ठहराव को दी गई मंजूरी.
सातारा/माण: शुक्रवार दिनांक 29 जुलाई 2022 रोज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व प्रसिद्ध तथा सेलेब्रिटी मा.डॉ.श्री संतोष बजाज के मार्गदर्शन में तथा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष डॉ विश्वदीप आपगे तथा पश्चिम महाराष्ट्र अध्यक्ष अमरदीप आपगे इनके नेतृत्व में माण तालुका महिला अध्यक्षा सौ.रुपाली जगदाळे इनकी अगुवाई में सातारा जिल्हे के तालुका माण स्थित रानंद गांव में पिछले माह में विधवा प्रथा बंद करने हेतु महिलांओं की सभा ली गई थी सभा मे विधवा प्रथा बंद करने के लिये ग्रामपंचायत कार्यालय मे ग्रामसेवक और सरपंच को ठराव दिया गया था. उस ठराव पर विचार विमर्श करने के उपरांत
ग्रामपंचायत द्वारा दि. 29 जुलाई 2022 को उस विधवा प्रथा बंदी के ठराव को मंजूर किया गया. इस मंजूरी के बाद आयोग की महिला टीम की इस सफलता की हर तरफ सराहना की जा रही है तथा गांव की सभी महिलाओं में खुशी का माहौल बन गया है. इस विधवा प्रथा बंदी को मंजूरी के बाद तुरंत IHRSJC की टीम द्वारा गांव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम में विधवा महिलाओं को हलदी कुमकुम लगाकर एवं उन्हें साड़ी भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया और उन्हें सुहासिनी का मान देकर उनके शेष जीवन मे आगे बढ़ने के लिए तथा सुखी जीवन व्यापन करने लिए उनका हौसला बढ़ाया गया,
यह कार्यक्रम गांव की सरपंच पुष्पा चव्हाण, उपसरपंच काकासाहेब शिंदे, ग्रामसेवक नंदकुमार फडतरे, सदस्य अश्विनी शिंदे, कृषि अधिकारी नाळे मॅडम, मुख्याध्यापिका भारती शिंदे की विशेष उपस्थिति में आयोजित किया गया. कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के माण तालुका महिला अध्यक्षा सौ. रुपाली जगदाळे, माण तालुका अध्यक्ष श्री अक्षय जगदाळे द्वारा किया गया. कार्यक्रम में संध्या शिंदे, सुजाता फडतरे,नंदा शिंदे, कृष्णाबाई उरवणे,रंजणा पवार,बबई थोरात, शुभांगी भागवत,हमिदा मनेर, शोभा शिंदे,मणिषा जाधव, उज्वला भगत,हेमा गुजर आदि महिलाओं को सन्मानित किया गया, कार्यक्रम को सफल बनाने में राहुल पाटील, प्रशांत कदम, युवराज सावंत,आशा सेविका निर्मला थोरात, शिला फडतरे आदि ने अपना अमुल्य सहयोग देकर कार्यक्रम को सफल बनाया, अंत मे ग्रामपंचायत ने तथा गांव की महिलाओं ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग का आभार प्रकट किया.




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